
आज के दौर में अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए संपत्ति का सही उपयोग करना एक समझदारी भरा कदम है। मॉर्गेज लोन क्या होता है और यह अन्य असुरक्षित ऋणों (Unsecured Loans) से कैसे अलग है, इसकी सटीक जानकारी होना अनिवार्य है। इस लेख में हम मॉर्गेज लोन का मतलब, इसके प्रकार और आवेदन की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण देंगे, ताकि आप एक सूचित वित्तीय निर्णय ले सकें।
मॉर्गेज लोन क्या होता है, इसे सरल शब्दों में समझें तो यह एक "सुरक्षित ऋण" (Secured Loan) है। इसमें उधारकर्ता अपनी आवासीय (Residential) या वाणिज्यिक (Commercial) संपत्ति को किसी बैंक या Hero FinCorp जैसे विनियमित (Regulated) NBFC के पास कोलैटरल (Collateral) के रूप में गिरवी रखता है। मॉर्गेज लोन का मतलब यह है कि जब तक आप ऋण की पूरी राशि नहीं चुका देते, संपत्ति के मूल दस्तावेज ऋणदाता के पास सुरक्षित रहते हैं, हालांकि संपत्ति का भौतिक कब्जा और उपयोग आपके पास ही रहता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के फेयर प्रैक्टिस कोड (Fair Practices Code) के अनुसार, ऋण की राशि संपत्ति के वर्तमान बाजार मूल्य (Market Value) के एक निश्चित प्रतिशत के आधार पर तय की जाती है।
2025 के वित्तीय परिदृश्य में, मॉर्गेज लोन का इंटरेस्ट रेट स्थिर (Fixed) या फ्लोटिंग (Floating) हो सकता है। ब्याज दरें मुख्य रूप से उधारकर्ता के CIBIL स्कोर (आदर्श रूप से 725 या उससे अधिक), आय की स्थिरता और संपत्ति की आयु/स्थिति पर निर्भर करती हैं।
एक विनियमित NBFC के रूप में, Hero FinCorp पारदर्शी दरें प्रदान करता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे RBI के अनिवार्य 'की फैक्ट स्टेटमेंट' की मांग करें, जिसमें वार्षिक ब्याज दर (APR) और सभी छिपे हुए शुल्कों का स्पष्ट विवरण होता है।
मॉर्गेज लोन कैसे मिलता है, इसके लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड और दस्तावेज आवश्यक हैं:
मॉर्गेज लोन क्या है और इसे कैसे अप्लाई करते हैं, इसकी प्रक्रिया अब डिजिटल और सरल हो गई है:
मॉर्गेज लोन एक सुरक्षित ऋण (Secured Loan) है जहाँ आप अपनी संपत्ति गिरवी रखते हैं। पर्सनल लोन एक असुरक्षित ऋण है। मुख्य अंतर यह है कि मॉर्गेज लोन की ब्याज दरें कम होती हैं और इसकी अवधि (15-20 वर्ष) पर्सनल लोन की तुलना में बहुत लंबी होती है।
हाँ, बिल्कुल। मॉर्गेज लोन का मतलब केवल संपत्ति के मूल दस्तावेज (Title Deeds) ऋणदाता के पास जमा करना है। संपत्ति का भौतिक कब्जा और उसका उपयोग करने का अधिकार आपके पास ही रहता है।
ऋण की राशि संपत्ति के बाजार मूल्य के LTV (Loan-to-Value) अनुपात पर निर्भर करती है। आमतौर पर, विनियमित NBFCs संपत्ति मूल्य का 60% से 75% तक लोन प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, 1 करोड़ की संपत्ति पर आपको ₹60-75 लाख तक का लोन मिल सकता है।
हाँ, एक अच्छा क्रेडिट स्कोर (आदर्श रूप से 750 या उससे अधिक) बेहतर ब्याज दरों और त्वरित स्वीकृति (Quick Approval) के लिए आवश्यक है। हालांकि, संपत्ति सुरक्षित होने के कारण, कम स्कोर वाले आवेदकों पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन ब्याज दरें अधिक हो सकती हैं।
अधिकांश बैंक और Hero FinCorp जैसे विनियमित NBFC 15 से 20 वर्ष तक की लंबी पुनर्भुगतान अवधि प्रदान करते हैं, जिससे आपकी मासिक EMI का बोझ कम हो जाता है।
हाँ। RBI के 2026 के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि आपने फ्लोटिंग ब्याज दर (Floating Rate) पर व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए लोन लिया है, तो आप पर कोई फोरक्लोज़र या प्री-पेमेंट पेनल्टी नहीं लगाई जा सकती।
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