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आज की तेज़ रफ़्तार ज़िन्दगी में इंसान की ज़रूरतें भी तेज़ी से बदलती हैं | लोग उन सारी सुविधाओं और साधनों को पाना चाहता है जो उन्हें दूसरों के पास नज़र आती हैं। क्योंकि हर कोई आगे बढ़ना चाहता है। तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए कुछ साधनों जैसे दो पहिया वाहन/मोटरसाइकिल/टूव्हीलर और मोबाइल की ज़रुरत लगभग सभी को होती है। पर यह ज़रूरी नहीं है कि सीमित आय वाले परिवार, इन साधनों के लिए पूरी रकम एक साथ चुकाने में सक्षम हों।


अब सवाल उठता है की फिर लोग इन ज़रूरतों की कैसे पूरा करें?


मौजूदा समय में बहुत सारी फाइनेंसियल कंपनियां लोन की सुविधा दे रही हैं। पर ज़रूरी नहीं की हर फाइनेंसियल कंपनी टूव्हीलर लोन में एक्सपर्ट हों और गाहकों की ज़रूरतों के अनुसार लोन सुविधा प्रदान करें । पर अगर हम बात करें हीरो फिनकॉर्प की जो की हीरो ग्रुप (भारत की नंबर - 1 टूव्हीलर कंपनी ) की कंपनी है। हीरो फिनकॉर्प की लोन सुविधाएँ टूव्हीलर ग्राहकों की ज़रूरतों की ध्यान में रख कर बनाये गये हैं। हीरो फिनकॉर्प टूव्हीलर लोन के अलावा प्री-ओन्ड कार लोन , मेडिकल इक्विपमेंट फाइनेंसिंग, बिज़नेस लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी में भी जाना माना नाम है।


 आइये जानते हैं की किसी भी जरूरत के लिये कर्ज/लोन लेने से पहले किन बातों का खास ध्यान रखें –


1) तुलनात्मक रूप से अन्य कंपनियों के मुकाबले ब्याज दर ।


ब्याज की दर की गणना किस आधार पर होती है? सालाना, मासिक, त्रैमासिक या संपूर्ण अवधि का ब्याज एक साथ जोड़कर उस पर क़िश्त बनाई जाती है। इस तरह की गणना मे उलझने की जगह आप इसे सीधा इस तरह भी समझ सकते हैं कि,


उदाहरण : मान लो आपने 30,000 रूपये का कर्ज तीन साल के लिये लिया है, तो तीन सालों मे 30000 पर ब्याज एवं अन्य खर्च सहित कुल कितनी राषि आपको वापिस करनी होगी, और हर महीने आपको कितनी क़िश्त भरनी है - इन दो राशियों के अंतर को 36 माह मे बांट लें, ओर फिर ब्याज की गणना करें। ये है वो वास्तविक ब्याज दर जो आपको देना पड़ रहा है।

सावधान रहें :
बाजार में ऐसे बहुत सारे लोन देने वाले पूरी तरह पारदर्शिता नहीं बरतते हैं , और आपको अत्यंत कम ब्याज दरों पर कर्ज देने का ऑफर देने का झाँसा दे सकते हैं। कर्ज लेने से पहले उनके द्वारा दिए गए डाक्यूमेंट्स , नियमों और शर्तों को बहुत सावधानी से पढ़ें।


2) कहीं कंपनी प्रोसेसिंग या फाइल चार्ज के नाम पर कोई छुपा चार्ज तो नहीं ले रही है?


आम तौर पर फाइनेंस कंपनियां प्रोसेसिंग या फाइल चार्ज के नाम पर अलग से चार्ज वसूलतीं हैं। अच्छा हो यदि आप इस बारे मे फाइनेंस कराने से पहले विस्तार से पूछताछ कर लें ताकि बाद मे आपको नुकसान न उठाना पड़े।


3) डाउन पेमेंट कितना लिया जा रहा है?


व्हीकल की कीमत दो तरह की होती है - एक्स शो रूम और ऑन रोड। आपको किया जा रहा फाइनेंस इनमे से किस कीमत पर किया जा रहा है यह जानकारी भी ले लें। इसमे टैक्स और बीमे की राशि भी अलग से समझ लें। 
 
4) नकद कीमत और फाइनेंस से खरीदने की कीमत में अंतर तो नहीं है?


कई बार ऐसा होता है कि यदि आप नकद मे व्हीकल खरीदते हैं तो आपको डीलर या कंपनी डिस्काउंट देते है जो फाइनेंस करने पर आपको नहीं मिल पाता है, फाइनेंस कराते वक्त इस बात की भी जानकारी ले लें।


5) यदि किसी कारण से समय पर क़िश्त नहीं जमा करा पाये तो पेनाल्टी कितनी लगेगी?


आम तौर पर किश्त समय पर न चुकाने पर पेनाल्टी राशि देनी पड़ती हैं । अच्छा होगा कि फाइनेंस कराते समय इस बात की भी जानकारी ले लें।
 
हीरो फिनकार्प की सारी लोन सुविधाएं आपकी इन सारी समस्याओं के समाधान को ध्यान में रख कर पूरी पारदर्शिता से बनाई गई हैं। आप पूरी तरह निश्चिंत हो कर हीरो फिनकार्प से लोन ले कर अपने सपने पूरे करें और तेज़ी से आगे बढ़ें ।

Did You Know

Disbursement

The act of paying out money for any kind of transaction is known as disbursement. From a lending perspective this usual implies the transfer of the loan amount to the borrower. It may cover paying to operate a business, dividend payments, cash outflow etc. So if disbursements are more than revenues, then cash flow of an entity is negative, and may indicate possible insolvency.

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