
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक जरूरी आधिकारिक फॉर्म है। इसके माध्यम से करदाता अपनी वार्षिक आय, खर्च, निवेश और टैक्स का डिटेल्स भारत के इनकम टैक्स विभाग को जमा देता है। यह एक वित्तीय वर्ष में कमाए गए रुपये का हिसाब होता है। सामान्य रूप से कहें तो इस प्रक्रिया के द्वारा सरकार को आय की जानकारी देनी होती है।
आईटीआर में आमतौर पर निम्नलिखित स्रोतों से आय दर्ज की जाती है। जैसे किसी कंपनी द्वारा दी गई सैलरी, किराए से आय, व्यवसाय से लाभ, पूंजीगत लाभ, बैंक ब्याज, लाभांश, लॉटरी या पेंशन से होने वाले आय आदि।
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना न सिर्फ कानूनी रूप से जरूरी है बल्कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण वित्तीय डॉक्यूमेंट्स भी है।
भारत में 2.5 लाख रुपये (60 वर्ष से कम), 3 लाख रुपये (60-80 वर्ष) या फिर 5 लाख रुपये (80+ वर्ष) से अधिक वार्षिक आय वाले, विदेशी संपत्ति/अकाउंट रखने वाले, 1 लाख रुपये से अधिक बिजली बिल या 1 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा करने वाले व्यक्ति, कंपनियां और व्यवसाय मालिक (टर्नओवर 60 लाख रुपये) इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के पात्र हैं।
आईटीआर फाइल करने के लिए मुख्य रूप से पैन कार्ड, आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक), फॉर्म-16 (वेतनभोगियों के लिए), बैंक स्टेटमेंट/पासबुक (ब्याज विवरण के लिए) और AIS/26AS फॉर्म की जरूरत होती है। साथ ही, निवेश प्रमाण, ट्यूशन फीस, होम लोन सर्टिफिकेट, रेंटल एग्रीमेंट और कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट जैसे डॉक्टूमेंट्स भी जरूरी होते हैं।
सामान्य तौर पर 31 जुलाई, लेकिन करदाता के लिए बढ़ाई भी जा सकती है। अगर समय-सीमा चूक जाती है, तो आप नई तारीख तक जुर्माना भरकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। जानकारी हो कि देरी से रिटर्न फाइल करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना होता है।
अपना आईटीआर स्टेटस ऑनलाइन चेक करने के लिए पहले आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं। वहां लॉग-इन करके अपना पैन नंबर, पासवर्ड और जन्मतिथि का इस्तेमाल करें। इसके बाद आपको यहां अपना स्टेटस दिख जाएगा। लॉग-इन के बिना पोर्टल पर मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के माध्यम से स्टेटस चेक करें।
आईटीआर डाउनलोड करके अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह भविष्य में लोन आवेदन, वीज़ा प्रोसेस, टैक्स वेरिफिकेशन या किसी भी वित्तीय आवश्यकता के दौरान आय के प्रमाण के रूप में काम आता है। समय पर डाउनलोड और सुरक्षित रखे गए आईटीआर दस्तावेज न केवल आपकी वित्तीय योजना को मजबूत बनाते हैं, बल्कि किसी भी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में आपको परेशानी से भी बचाते हैं।
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समय सीमा के अंदर आईटीआर फाइल न करने पर धारा 234F के तहत 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
अगर आपने पूरा टैक्स पहले ही दे दिया है, तो भी आईटीआर फाइल करना जरूरी है।
आयकर कानून के तहत कृषि आय कर-मुक्त है।
आप एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से अधिक से अधिक 10 आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
फॉर्म 26AS आयकर विभाग द्वारा जारी एक वार्षिक टैक्स डिटेल्स है। आईटीआर दाखिल करने में यह टीडीएस क्रेडिट का दावा करने, विसंगतियों को दूर करने और कर देनदारी की सही गणना करने में सहायक होता है।