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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) क्या है? 

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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक जरूरी आधिकारिक फॉर्म है। इसके माध्यम से करदाता अपनी वार्षिक आय, खर्च, निवेश और टैक्स का डिटेल्स भारत के इनकम टैक्स विभाग को जमा देता है। यह एक वित्तीय वर्ष में कमाए गए रुपये का हिसाब होता है। सामान्य रूप से कहें तो इस प्रक्रिया के द्वारा सरकार को आय की जानकारी देनी होती है।  

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आय के मुख्य स्रोत

आईटीआर में आमतौर पर निम्नलिखित स्रोतों से आय दर्ज की जाती है। जैसे किसी कंपनी द्वारा दी गई सैलरी, किराए से आय, व्यवसाय से लाभ, पूंजीगत लाभ, बैंक ब्याज, लाभांश, लॉटरी या पेंशन से होने वाले आय आदि।

आईटीआर के विभिन्न प्रकार  

  • ITR-1 - यह सबसे आसान फॉर्म है, जो 50 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए होता है।   
  • ITR-2 - यह उन लोगों के लिए है जिनकी आय 50 लाख रुपये से अधिक है। 
  • ITR-3 – यह उन लोगों के लिए है जो किसी व्यवसाय से आय करते हैं। 
  • ITR-4 – यह छोटा व्यवसाय करने वालों के लिए है।   
  • ITR-5 - यह साझेदारी फर्मों, एलएलपी, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स आदि के लिए है।
  • ITR-6 – यह उन कंपनियों के लिए जो छूट मिलने वाली आय की देवेदारी नहीं करती। 
  • ITR-7 – यह उन लोगों /कंपनियों के लिए जो धारा 139(4A), 139(4B), 139(4C) या 139(4D) के तहत रिटर्न जमा देते हैं।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना क्यों जरूरी है?

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना न सिर्फ कानूनी रूप से जरूरी है बल्कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण वित्तीय डॉक्यूमेंट्स भी है।

आईटीआर फाइल करने के प्रमुख कारण

  • टैक्स रिफंड पाने के लिए
  • लोन और वीजा के लिए
  • नुकसान को आगे बढ़ाने के लिए
  • कानूनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए
  • आय का प्रमाण रखने के लिए
  • उच्च टीडीएस से बचाव के लिए

कौन-कौन आईटीआर फाइल करने के लिए पात्र हैं?

भारत में 2.5 लाख रुपये (60 वर्ष से कम), 3 लाख रुपये (60-80 वर्ष) या फिर 5 लाख रुपये (80+ वर्ष) से अधिक वार्षिक आय वाले, विदेशी संपत्ति/अकाउंट रखने वाले, 1 लाख रुपये से अधिक बिजली बिल या 1 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा करने वाले व्यक्ति, कंपनियां और व्यवसाय मालिक (टर्नओवर 60 लाख रुपये) इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के पात्र हैं।

सही फॉर्म चुनने के टिप्स 

  

  • वल सैलरी और एक घर के लिए आईटीआर -1
  • शेयर बाजार से लाभ/प्रॉपर्टी बेचने पर आईटीआर -2
  • फ्रीलांसर या छोटा व्यवसाय के लिए आईटीआर -3
  • बड़ा बिजनेस या फिर पार्टनरशिप फर्म के लिए आईटीआर -4  

आईटीआर फाइल करने के लिए जरूरी दस्तावेज

आईटीआर फाइल करने के लिए मुख्य रूप से पैन कार्ड, आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक), फॉर्म-16 (वेतनभोगियों के लिए), बैंक स्टेटमेंट/पासबुक (ब्याज विवरण के लिए) और AIS/26AS फॉर्म की जरूरत होती है। साथ ही, निवेश प्रमाण, ट्यूशन फीस, होम लोन सर्टिफिकेट, रेंटल एग्रीमेंट और कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट जैसे डॉक्टूमेंट्स भी जरूरी होते हैं।  

आईटीआर ऑनलाइन फाइल करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

  • इसके लिए पहले पोर्टल पर जाएं और लॉग इन करें.
  • फिर ई-फाइलिंग शुरू करें.
  • इसके बाद विवरण चुनें.
  • फिर सही आईटीआर फॉर्म का चयन करें.
  • डेटा भरने के बाद वेरीफाई करें.
  • फिर आईटीआर सबमिट कर दें.
  • सबमिशन के बाद 30 दिनों के अंदर ई-सत्यापन करें.

ITR फाइल करने की समय-सीमा (Due Dates) और देरी पर जुर्माना  

सामान्य तौर पर 31 जुलाई, लेकिन करदाता के लिए बढ़ाई भी जा सकती है। अगर समय-सीमा चूक जाती है, तो आप नई तारीख तक जुर्माना भरकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। जानकारी हो कि देरी से रिटर्न फाइल करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना होता है।  

अपना आईटीआर स्टेटस कैसे चेक करें

अपना आईटीआर स्टेटस ऑनलाइन चेक करने के लिए पहले आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं। वहां लॉग-इन करके अपना पैन नंबर, पासवर्ड और जन्मतिथि का इस्तेमाल करें। इसके बाद आपको यहां अपना स्टेटस दिख जाएगा। लॉग-इन के बिना पोर्टल पर मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के माध्यम से स्टेटस चेक करें।

फाइल किया गया आईटीआर डाउनलोड कैसे करें

आईटीआर डाउनलोड करके अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह भविष्य में लोन आवेदन, वीज़ा प्रोसेस, टैक्स वेरिफिकेशन या किसी भी वित्तीय आवश्यकता के दौरान आय के प्रमाण के रूप में काम आता है। समय पर डाउनलोड और सुरक्षित रखे गए आईटीआर दस्तावेज न केवल आपकी वित्तीय योजना को मजबूत बनाते हैं, बल्कि किसी भी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में आपको परेशानी से भी बचाते हैं।

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यह भी पढ़ें: बिना डॉक्यूमेंट के 1 घंटे में इंस्टेंट लोन का अप्रूवल कैसे ले?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न  

ITR फाइल न करने पर क्या कोई जुर्माना लग सकता है?

समय सीमा के अंदर आईटीआर फाइल न करने पर धारा 234F के तहत 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना  लग सकता है।

अगर मैंने पूरा टैक्स पहले ही दे दिया है, तो भी क्या मुझे आईटीआर फाइल करना आवश्यक है?

अगर आपने पूरा टैक्स पहले ही दे दिया है, तो भी आईटीआर फाइल करना जरूरी है।

क्या कृषि आय पर भी आईटीआर फाइल करना होता है?

आयकर कानून के तहत कृषि आय कर-मुक्त है।

क्या मैं एक से ज्यादा आईटीआर उसी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से फाइल कर सकता हूँ?  

आप एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से अधिक से अधिक 10 आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं।  

फॉर्म 26AS क्या होता है और यह आईटीआर फाइलिंग में कैसे मदद करता है?

फॉर्म 26AS आयकर विभाग द्वारा जारी एक वार्षिक टैक्स डिटेल्स है। आईटीआर दाखिल करने में यह टीडीएस क्रेडिट का दावा करने, विसंगतियों को दूर करने और कर देनदारी की सही गणना करने में सहायक होता है। 

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