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24 Nov

बाइक फाइनेंस से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

  • By Editorial Team
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दोस्तों यह बात सही है कि फोर व्हीलर आवागमन का एक सुरक्षित तरीका है। लेकिन यह बात भी ध्यान में रखनी आवश्यक है कि भारत में कामगार वर्ग अधिकतर टू व्हीलर पर ही काम पर जाना पसंद करता है। इसके कुछ कारण हैं। हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यक्ति अपने काम पर आने जाने के लिए अपनी माह की इनकम का लगभग 8 से 10% भाग खर्च करता है। यह बात भी जानना जरूरी है कि जैसे- जैसे पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं, वैसे- वैसे ट्रांसपोर्ट में हुआ यह खर्चा भी बढ़ता चला जाएगा। यदि आप सेल्स या मैनेजमेंट जैसे किसी प्रोफेशन में है तो यह टू व्हीलर आपके लिए इस हेतु बहुत ही मददगार साबित हो सकता है। तो क्या आप टू व्हीलर लेने के विषय में सोच रहे हैं?

यदि हां तो आप इसे क्या पूरा पैसा देकर एक बार में ही अदा करके लेना चाहते हैं या इसे फाइनेंस करा कर?

टू व्हीलर के लिए लिया गया कर्ज अपेक्षाकृत एक छोटी धनराशि का कर्ज होता है जिसे अदा करना आपके लिए बेहद सहज और सरल हो सकता है। मान लीजिए कि आपकी तनख्वाह ₹30000 महीना है जिसमें से ₹18000 आप बचत खाते में डालते हैं। इन्हीं बचे हुए ₹18000 से आप मासिक तौर पर अपनी ईएमआई चुका सकते हैं। इससे आपको कई तरह के फायदे होंगे:

1. छोटी मध्यम या लंबी कर्ज अदायगी की अवधि को अपनी सुविधानुसार चुनकर आप स्वयं को अधिक दबाव में नहीं आने देते हैं।

2. इसके अलावा एक सकारात्मक कर्ज अदायगी का इतिहास आपके द्वारा आगे लिए जाने वाले कर्ज के लिए भी एक मजबूत आधार बनेगी ।

3. सबसे अच्छी बात यह है कि छोटा कर्ज लेना, आपको अपने वित्तीय रूप से जिम्मेदार बनने और बचत करने की प्रेरणा देता है जिसके कारण आप अतिरिक्त रूप से पैसा खर्च करते समय सावधान तथा विवेकपूर्ण रहते हैं।

4. फाइनेंसिंग संबंधी विकल्प – फाइनेंस की वजह से वो टू व्हीलर जो अभी तक आपके बजट से बाहर थे वे अब आप खरीद पाएंगे|


टू व्हीलर कर्ज की कुछ उपयोगी विशेषताएं

यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी अन्य उत्पाद के संबंध में कर्ज लेते हैं। आपको अपने डॉक्यूमेंट, आयु और आवश्यक आय संबंधी कसौटियों पर खरे उतरने की जरूरत होगी | और इसके लिए अप्लाई करने से पहले आप को निम्नलिखित अभिलेखों की आवश्यकता होगी:

आपके पास पहचान तथा पते से जुड़ा एक प्रमाण जैसे कि आधार कार्ड पासपोर्ट, पैन कार्ड इत्यादि होना चाहिए। आय प्रमाण पिछले 6 महीनों का होना चाहिए।

इस प्रकार के कर्ज, सैलरी पाने वाले तथा स्वयं का बिजनेस करने वाले दोनों प्रकार के व्यक्तियों के लिए उपलब्ध हैं। आपको कुछ अभिलेखों जैसे कि पिछले 6 महीनों की सैलरी स्लिप या फिर इनकम टैक्स रिटर्न (यदि निजी व्यवसाय करते हैं) को जमा कराने की आवश्यकता होगी।

याद रखिए कि आप अपनी सुविधानुसार और कर्ज देने वाली संस्था के अनुसार सुझाए गए विकल्पों में से कुछ आसान कर्ज अदायगी के तरीकों तथा समय अवधि का चुनाव कर सकते हैं।

कुछ ऐसी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी हैं जो कि आपको अत्यंत आकर्षक ब्याज दरों पर आसान कर्ज अदायगी विकल्प उपलब्ध कराते हैं।

कुछ आवश्यक बातें

याद रखिए कि टू व्हीलर कर्ज सुरक्षित प्रकार के कर्ज होते हैं। इसका अर्थ यह है यदि आप अपनी ईएमआई देने में असफल हो जाते हैं तो उस स्थिति में फिनांस कंपनी आपसे आपका वाहन वापस ले सकती है और उसकी लागत की वसूली भी कर सकती है।

यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस ब्याज दर पर और कितने समय में अपने कर्ज लेना चाहते हैं

याद रखिए कि बाजार में ऐसे बहुत सारे घोटालेबाज हैं जो कि आपको अत्यंत कम ब्याज दरों पर कर्ज देने का ऑफर दे सकते हैं। कर्ज लेने से पहले उनके द्वारा प्रदान की गई सभी सूचनाओं और अभिलेखों को बहुत सावधानी से पढ़े।

जब आप कर्ज लें तो आपको ज्यादा से ज्यादा इस संबंध में सूचनाएं जुटानी चाहिए और सदैव एक ऐसे संस्था से ही कर्ज लेना चाहिए जिसका इतिहास अच्छा रहा हो।

यदि आप बाइक फाइनेंस या इसके एप्लीकेशन आदि के बारे में या किसी अन्य संबंध में अधिक जानकारी चाहते हैं तो अपने कमेंट हमें भेजें।

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Delinquency

Delinquency is the failure of a borrower to comply with his/her debt obligations, despite being under a contract which requires timely loan repayments. This is against the law as well. So if a borrower doesn't make an EMI or loan payment on time, the lender can initiate foreclosure proceedings.

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